ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें। * ऐसी बीमारियां जिनका इलाज संभव नहीं है, वह भी काली की पूजा से समाप्त हो जाती हैं। यह समय साधक को https://holdenyozjb.bleepblogs.com/39796444/5-essential-elements-for-ॐ-प-र-प-र-प-र-स-शन-श-चर-य-नम